Arvind Kejriwal’s Letter to Muslims

Click Here to download to CorelDraw File

Click Here to download PDF file

Arvind Kejriwal's Letter to Muslims-1 Arvind Kejriwal's Letter to Muslims-2 Arvind Kejriwal's Letter to Muslims-3 Arvind Kejriwal's Letter to Muslims-4

29 thoughts on “Arvind Kejriwal’s Letter to Muslims

  1. Is there any way that the content can be read in the mail itself rather than asking users to visit site or download files

  2. WE should write similar letters to all sections of the Society, the Dalits, the BPL people as well as the lower and upper middle class enunciating what we mean to do for them.

  3. पत्र भेजने के लिए धन्यवाद् , निश्चित रूप से जो बातें आपके पत्र में कही गई हैं वे सही हैं परन्तु इस प्रकार की बातें आमतौर से हर व्यक्ति करता है तो इसमें आपने क्या नया कहा सवाल ये है! यह सवाल मैं इसलिए नहीं उठा रहा कि मैं मुस्लिम हूँ बल्कि इसका मक़सद है आपकी क़ाबलियत के मुताबिक़ आपका पत्र नहीं है, यह सर्वविदित है कि आपने एक राजनीतिक पार्टी का गठन किया है और आप इस चुनाव मैं सीधे सीधे सरकार और विपक्षी पार्टी दोनों को ललकार रहे हैं और एक ईमान्दार नेतृत्व देने का वादा भी कर रहे हैं, यह भविष्य का विषय है अभी आप किसी परीक्षा से नहीं गुज़रे मसलन आप के साथ जो लोग हैं वे उतनी ही ईमानदारी से कार्य करेंगे जिसका आप वादा कर रहे हैं , या वे भी औरो कि तरह आपको बदनाम करने के लिए काम करना शुरू कर देंगे क्योंकि ताक़त भ्रष्टाचार का मूल स्रोत है जो अभी आपके पास नहीं है और जब आएगी तब परीक्षा होगी ! मैं वापस पत्र पर आता हूँ साधारण बातो के बजाय यदि आप किन्ही तथ्यपरक बातों का उपयोग करते तो अछछा होता मसलन भविष्य मैं भेदभावपूर्ण रवैया अख्तियार करने के सम्बन्ध मैं एक विशेष प्रकार का कानून लाया जायेगा, या वर्त्तमान कानून मैं मैं संशोधन करके उसे इतना उपयोगी बनाया जायेगा जिससे किसी भी वर्ग के व्यक्ति को उसके वर्ग , धर्म, वर्ण के आधार पर नहीं बल्कि उसे भारतवर्ष के एक सम्मानित नागरिक के नज़रिये से देखा जाएगा और जावेद जैसे प्रकरण पर सख्त कार्रवाई होगी कानून का पालन होगा, न करने वालों के साथ कोई रियायत नहीं बरती जाएगी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी! व्यापारी वर्ग कि परेशानियों का आपने पत्र में ज़िक्र किया है, परन्तु मूल समस्या कि ओऱ आपने ध्यान नहीं दिया, सरकारी महकमों मैं भ्रष्टाचार फैलने का मुख्या कारण है, मौजूदा कानून जो इस प्रकार बनाए गए हैं जिस से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है और सरकारी करमचारी व्यापारी को रिश्वत देने पर मजबूर कर देता है, इसका एक उदाहरण मैं आपको देता हूँ, वर्त्तमान मैं दिल्ली वैट कानून मैं स्टॉक रजिस्टर बनाना अनिवार्य है, जिसके न बनाने पर ५०००० रूपये कि पेनल्टी है, दिल्ली मैं लगभग ३ लाख से अधिक व्यापारी वैट मैं पंजीकृत हैं और उनमें ९०% व्यापारी स्टॉक रजिस्टर बनाने मैं असमर्थ हैं और इसी आधार पर सरकारी कर्मचारी उनसे रिश्वत लेते हैं और उनका शोषण करते हैं, मैंने ये तो केवल एक उदाहरण दिया है ऐसे अनेको कानून हैं जिनके सहारे भ्रष्टाचार फल फूल रहा है.
    बातें बहुत हैं लिखता रहूँगा तो अंत ही नहीं है मैं अपनी बात को विराम देता हूँ शायद मेरी कही सिर्फ एक बात से आप समझ जाएंगे, हाँ मुस्लिमो के सन्दर्भ में में एक दो बातें और केह दूं कि कई आयोगों और आंकड़ो से ये साबित हो चूका है कि से वर्त्तमान मैं सबसे पिछड़े हुए हैं और इन पर सरकार का विशेष ध्यान केंद्रित करना अनिवार्य है, इन्हे सहायता कि ज़रुरत है, इसलिए इनके लिए विशेष कार्यक्रम बनाए जाएं जिससे ये भी तरककी करें और बाक़ी सभी लोगों कि तरह सामान्य रूप से जीवनयापन कर सकें.
    अंत मैं एक बात और कह दूं कि जैसे बसों मैं लिखा रहता है “जेबकतरों से सावधान” उसी प्रकार मुस्लिम्स को बेचने वालों से सावधान.

    आपका हितेषी

    मुहम्मद इकराम
    Advocate
    फ़ोन: ९९५८५७७७८६

  4. Pingback: Shouldn’t Muslims support Aam Aadmi Party (AAP), try it once? | FACT MEDIA

  5. Pingback: Should Muslim support Aam Aadmi Party? - Muslim Awaz | Muslim Awaz

  6. Dear AAP

    As a muslim voice, dare I say that we do not want any special benefits, aka appeasement. Even if the regular / common state welfare mechanisms are made available to everyone (including us) that would be more than enough for everyone (including us). However, anything remotely concerning us muslims is labelled as appeasement – as you mentioned in the other blog, even asking for an honest probe / education / jobs / healthcare is appeasement. Anything other than Modi style mass genocide is appeasement.

    This appeasement nonsense has gone too far;how can Muslims as a community be historically appeased since more than half a century and still be backward in all indicators just defies a rational mind. Such is the power of propaganda that even educated friends fall for this mindless but dangerous nonsense.

    My sanghi friends tell me that congress has done jackshit for us, I fully agree. But what alternative do they offer us? Mass murder accused as national leaders?

    We are with you!

    G Shah

  7. Respected arvind kejriwal sir, People from whole country and even world like you bcz of ur simplicity and sincerity ,thats the reason people started following u, but suddenly u have tanken desion, for using 45cr bounglow and big cars, so it is send bad signle to ppl. Which is wrong decison ur taken, this is always effects ur sincerity and commitment , plz follow ur original thinking and attitude, i hope u understand me, i joined ur party in mumbai, since last 10yr i served for bjp. As general sec., plz cont-9821390092
    .

  8. Pingback: Kollumedu - 65 ஆண்டுகளாக முஸ்லிம்களை வாக்கு வங்கியாகவே காங்கிரஸ் பயன்படுத்துகிறது – கெஜ்ரிவால் குற்

  9. Pingback: Kollumedu - 65 ஆண்டுகளாக முஸ்லிம்களை வாக்கு வங்கியாகவே காங்கிரஸ் பயன்படுத்துகிறது – கெஜ்ரிவால் குற்

  10. Pingback: சச்சார் கமிஷன் பரிந்துரைகளை அமல்படுத்தவில்லை. 65 ஆண்டுகளாக முஸ்லிம்களை வாக்கு வங்கியாகவே காங்

  11. We r proud 2sy us Indian bt aftr indpnc v wre ignred. None f poltcl partis thut abt muslim. Evry1 jst usd as a vte bnk bt hrdly did 4us… Hpe AAP wl do som thng extra ordnry 4entre monrty f India

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s