Arvind Kejriwal’s letter to PM Narendra Modi

माननीय प्रधानमंत्री जी,

सरकार के 4 महीने पूरे हुए। लोगों में इन 4 महीनों की खूब चर्चा है। लोगों की भावनाओं को इस पत्र के जरिए मैं बयान कर रहा हूं।

लोगों का मानना है कि आप बहुत अच्छा बोलते हैं। बहुत अच्छे भाषण देते हैं। लेकिन आपकी पार्टी के नेता और मंत्री आपकी बातों के ठीक विपरीत काम कर रहे हैं। आप उस पर न कुछ कहते हैं और न ही कुछ करते हैं। इससे लोगों में असमंजस है।

जैसे अभी कुछ दिन पहले आपने कहा कि अगले 10 सालों तक देश में साम्प्रदायिकता की बातें नहीं होनी चाहिए। आपने कहा कि साम्प्रदायिकता से किसी का भला नहीं होता। लोगों को आपकी ये बातें बहुत अच्छी लगी। लेकिन लोग तब दंग रह गए जब आपके भाषण के कुछ दिन बाद ही आपकी पार्टी के सांसद योगी आदित्यनाथ ने धर्म के नाम पर ज़हरीले भाषण दिए। आपकी पार्टी के लोगों ने लव-जिहाद के नाम पर धर्मों के बीच ज़हर घोलना शुरू किया। लोगों को आश्चर्य हुआ कि आपकी पार्टी के लोग ही आपकी बातों को क्यों नहीं मान रहे? लोगों को उम्मीद थी कि आप योगी आदित्यनाथ को और अपनी पार्टी के अन्य लोगों को यह सब करने से रोकेंगे। लेकिन जब आप भी चुप रहें तो लोग असमंजस में पड़ गए।

आपने लोगों को भ्रष्टाचार मुक्त भारत का सपना दिखाया। आपने यहां तक कहा- ‘‘न खाऊंगा, न खाने दूंगा।’’ सबको यह सुनकर बहुत अच्छा लगा। लोगों में विश्वास जगा कि अब भ्रष्टाचारियों को जेल होगी और ईमानदारों की कद्र होगी। लेकिन जब आप ही के स्वास्थ्य मंत्री डा. हर्षवर्धन ने एक बेहद ईमानदार अफ़सर श्री संजीव चतुर्वेदी को अपने पद से हटा दिया तो लोगों को आश्चर्य हुआ। सारा देश जानता है कि किस तरह से संजीव चतुर्वेदी ने सरकार में रहते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ी और कई भ्रष्टाचारियों को जेल पहुंचाया। यहां तक कि स्वयं राष्ट्रपति और संसदीय समिति ने भी श्री संजीव चतुर्वेदी के काम को सराहा है। लोगों को तो उम्मीद थी कि ऐसे अफसरों को आप पद्म भूषण से सम्मानित करेंगे। उनके हटाए जाने का मीडिया और जनता ने कड़ा विरोध किया। लोगों को उम्मीद थी कि आप स्वयं इस मामले में हस्तक्षेप करेंगे और संजीव चतुर्वेदी को फिर से बहाल कराएंगे। लेकिन जब आप इस मामले में भी चुप रहे, तो लोगों को आश्चर्य हुआ।

अभी कुछ दिन पहले आपके ही गृहमंत्री ने नोटिफिकेशन जारी करके दिल्ली की एंटी करप्शन ब्रांच की शक्तियों को कम कर दिया और उसे नकारा बना दिया। यदि आप वाकई भ्रष्टाचार से लड़ना चाहते हैं तो आपको तो एंटी करप्शन ब्रांच को और सुविधाएं और पावर देनी चाहिए थीं और उसमें ईमानदार अफ़सरों की भर्ती करनी चाहिए थी। उसे
पंगु बनाकर तो आपके मंत्री भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। लोगों को उम्मीद थी कि चूंकि आपने देश से भ्रष्टाचार दूर करने का वादा किया था इसलिए आप राजनाथ सिंह जी को कहकर ये नोटिफिकेशन रद्द करवाएंगे। लेकिन इस पर भी आप चुप रहे।

अभी कुछ दिन पहले ऐसा सुनने में आया कि आपके एक मंत्री के बेटे ने दिल्ली पुलिस में ट्रांसफर करवाने के लिए कुछ लोगों से पैसे ले लिए। जब आपको पता चला तो आपने उन मंत्री जी और उनके बेटे को बुलाकर खूब डांटा। लोगों को यह बहुत अच्छा लगा। लेकिन आपसे विनम्र निवेदन है कि अगली बार किसी मंत्री का बेटा रिश्वत लेते हुए पाया जाता है, तो आप उसे डांटने के साथ-साथ पुलिस के हवाले भी कर दीजिएगा।

दिल्ली में आपकी पार्टी के उपाध्यक्ष कैमरे पर दूसरी पार्टी के विधायकों को खरीदते हुए नज़र आए। दिल्ली में आपकी पार्टी खुलेआम जोड़-तोड़ करके बेइमानी से सरकार बनाने की कोशिश कर रही है। लोग बेचैनी से इंतजार करते रहे कि आप अपनी पार्टी को गलत काम करने से रोकेंगे। लेकिन अब तक आप चुप हैं।

चुनाव के पहले आपने तत्कालीन यूपीए की सरकार को इस बात के लिए कई बार आड़े हाथों लिया था कि पाक सीमा पर हमारे सिपाहियों के सर कटने के बावजूद और चीन सीमा पर चीनियों के घुसपैठ करने के बावजूद डा. मनमोहन सिंह सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। जब आप अपने भाषणों में इस बात को उठाते थे तो लोगों में जज़्बा पैदा होता था और लोगों को अच्छा लगता था। लेकिन आपकी सरकार बनने के बाद भी चीन और पाक की घुसपैठ पहले की तरह लगातार जारी है। चुनाव के पहले आप इस मुद्दे को इतने ज़ोर-शोर से उठाते रहे। लेकिन अब आप भी कुछ ठोस नहीं कर पा रहे हैं?

अभी कुछ दिन पहले अंग्रेजी के एक बड़े अखबार में खबर छपी थी कि आपके कोयला मंत्री 9 प्राइवेट कंपनियों को 1500 रुपये प्रति टन के हिसाब से 25 सालों के लिए सरकारी कोयला बेचने का एग्रीमेंट कर रहे हैं। जबकि उस कोयले का बाज़ार भाव 4000 रुपये प्रति टन है। उस खबर के मुताबिक देश को इससे डेढ़ लाख करोड़ रुपये का नुकसान होगा। मतलब कि नई सरकार में भी घोटालों का सिलसिला चालू हो गया? डा. मनमोहन सिंह जी की ठीक नाक के नीचे घोटाले होते रहे और वे चुप रहे। आपसे विनम्र निवेदन है कि आप घोटालों में चुप मत रहियेगा। कृपया इस घोटाले को होने से पहले रोक दीजिएगा।

चुनाव के पहले आपने कहा था कि अच्छे दिन आने वाले हैं। पिछले 65 सालों से इस देश के लोग अच्छे दिनों का इंतजार कर रहे हैं। इस देश के लोगों को तो पता ही नहीं कि अच्छे दिन कैसे होते हैं? लेकिन फिलहाल तो महंगाई की वजह से लोगों का जीना मुश्किल होता जा रहा है। जिस मिडिल क्लास और गरीब लोगों ने आपको वोट दिया, आज उनके लिए अपना घर चलाना मुश्किल हो गया है। बच्चे पालने मुश्किल हो गए हैं। आप तो अब सर्वशक्तिमान हैं। संसद में आपके पास पूर्ण बहुमत है। इसीलिए आपसे विनती है कि अच्छे दिनों के बिना तो फिर भी लोग रह लेंगे, फिलहाल तो महंगाई से किसी तरह लोगों को जल्द छुटकारा दिलवा दीजिए।

प्रधनमंत्री जी, आपको ऐतिहासिक मौका मिला है। लोगों को आपसे बहुत उम्मीदें हैं। उपचुनावों के नतीजे दिखाते हैं कि लोगों की उम्मीदें धीरे-धीरे टूट रहीं हैं।

धन्यवाद

अरविन्द केजरीवाल

English Version

 

11 thoughts on “Arvind Kejriwal’s letter to PM Narendra Modi

  1. Please put up an English version. Or at least type the Hindi words so anyone can use google to translate. An image cannot be used to translate. Thanks.

  2. Arvind Kejriwal is only showing Aam Aadmi the way to get their rights through RTI, Jan Lokpal, Citizens Charter, Lokayukta & Swaraj. It is not his fight but the fight of the Aam Aadmi. Criticizing him is like fooling your own children from getting quality Education & good Health care. Saying bad things about Arvind Kejriwal is like fooling yourself by not questioning the MLAs & MPs about the Constituencies Development Funds? Criticizing Arvind is like donating Constituencies Development Funds to the MLAs & MPs. Instead of using funds in the development of the Constituencies, they deposit in the Swiss Banks. Arvind Kejriwal is fighting for Swaraj.

  3. MODI IS ALSO BECOMING A FAILURE LIKE MANMOHAN SINGH…ARVIND KEJRIWAL IS THE LAST HOPE….I WAS HAPPY WITH MODI EARLIER BUT SOON RECOGNIZE ITS ONLY UPA PART 3 !

    • You are absolutely true but don,t do mistake like understanding crazy polititations
      like modi always check the past of the politation. you should not forget Gujrat [godhra] roits but now you look me right

  4. He is always right in opening eyes of the leadership to behave in a constitutional way but our leaders when they are in the power they start behaving like Dhratrashtra, God knows what goes wrong or they get afraid in taking strong decissions that are needed to protect the country.

  5. ham aam adami netao ka kabhi nahi samajh payenge kyoki koi bhi jab rajgaddi pa jata hai to aam adami ko bhul jata hai aur faida amir logo ko hi hota hai ya jata hai aise me lagata hai ki kuchh hi dino me griha yudha ki sthiti ane wali hai kahe to kaise sabhi long sarkari paise harap kar taqatwar ban jayenge aue apne apne follower ko uska kar naye naye mudde khara karenge aur desh me arajakata failani chalu ho jayegi. to bataye ham jaye to kaha jaye samajh me nahi aa raha hai.thanks

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